
WCCB भोपाल और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई, तस्करी में प्रयुक्त बाइक भी जब्त
सूरजपुर। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सूरजपुर वन विभाग और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB), सेंट्रल रीजन भोपाल की संयुक्त टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक बाघ की खाल तथा पैंगोलिन के शल्क (स्केल) बरामद किए गए हैं। वन विभाग ने तस्करी में प्रयुक्त एक होंडा शाइन मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है।
मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
गुप्त सूचना पर रची गई रणनीति
वन विभाग के अनुसार 27 जुलाई 2026 को WCCB भोपाल से सूचना मिली थी कि सूरजपुर वनमंडल क्षेत्र में वन्यजीवों की खाल एवं अन्य अवशेषों की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी डी.पी. साहू के निर्देशन में वन विभाग और WCCB के अधिकारियों की दो संयुक्त टीमों का गठन किया गया। एक टीम WCCB के अधिकारियों के साथ कार्रवाई में जुटी, जबकि दूसरी टीम ने सूरजपुर एवं कुदरगढ़ क्षेत्र में सघन निगरानी शुरू की।
घेराबंदी कर दबोचे गए तस्कर
संयुक्त टीम ने ओड़गी-भैयाथान मार्ग स्थित ग्राम बैजनाथपुर के पास धरसेड़ी रोड पर घेराबंदी की। इस दौरान संदिग्ध अवस्था में घूम रहे तीन व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की गई। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से बाघ की खाल और पैंगोलिन के शल्क बरामद हुए। इसके बाद तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूरे कार्रवाई में वन मंडलाधिकारी श्री साहू का कुशल मार्गदर्शन मील का पत्थर साबित हुआ।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
टिकेश्वर प्रसाद राजवाड़े (38 वर्ष), निवासी धरसेड़ी (नवापारा), थाना ओड़गी, जिला सूरजपुर।
भुखनलाल (लगभग 50 वर्ष), निवासी भंवरखोह (आगापानी), थाना ओड़गी, जिला सूरजपुर।
गरीबलाल (लगभग 58 वर्ष), निवासी भंवरखोह (आगापानी), थाना ओड़गी, जिला सूरजपुर।
बाइक जब्त, आगे की जांच जारी
वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से बरामद वन्यजीव अवशेषों को विधिवत पॉलीथीन बैग में सील कर सुरक्षित रखा है। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त होंडा शाइन मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 15 DN 7494) भी जब्त कर ली गई है। इस संबंध में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 809/24 (दिनांक 28 जुलाई 2026) दर्ज किया गया है।
वन विभाग का कहना है कि इस अवैध कारोबार में अन्य लोगों की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता। पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए प्रकरण की गहन विवेचना जारी है। इस कार्रवाई में अंबिकापुर एवं कुदरगढ़ वनपरिक्षेत्र की टीमों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।