
सूरजपुर। 11 मार्च 2026 को एक समाचार पत्र में प्रकाशित “रिश्तेदारी के आगे झुका कानून” शीर्षक खबर का अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सूरजपुर शिवानी जायसवाल ने कड़ा खंडन करते हुए इसे पूरी तरह असत्य, भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। इस संबंध में एसडीएम कार्यालय सूरजपुर द्वारा आधिकारिक ज्ञापन जारी कर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की गई है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि संबंधित समाचार में यह उल्लेख किया गया था कि जिन जमीनों की खरीदी-बिक्री नियमों को दरकिनार कर की गई, उनमें से एक प्रमुख क्रेता को एसडीएम का चाचा बताया गया है। साथ ही खबर में यह भी सवाल उठाया गया था कि जब जांच अधिकारी स्वयं भतीजी हैं, तो उनके चाचा के विरुद्ध कार्रवाई कैसे हो सकती है। इस पर एसडीएम शिवानी जायसवाल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ग्राम लटोरी से संबंधित जांच अथवा किसी भी शिकायत से जुड़े किसी भी व्यक्ति का उनसे किसी प्रकार का पारिवारिक या रिश्तेदारी संबंध नहीं है। समाचार में प्रकाशित यह दावा पूरी तरह निराधार है और वास्तविक तथ्यों से इसका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि संबंधित प्रकरण की जांच उस समय उपलब्ध दस्तावेजों, अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत की गई थी। प्रशासनिक कार्यवाही में किसी भी प्रकार के पक्षपात या व्यक्तिगत हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं रही है। एसडीएम ने यह भी कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए इस प्रकार की खबरों का प्रकाशन करना उचित नहीं है, क्योंकि इससे आमजन के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गलत संदेश जाता है। प्रशासन हमेशा कानून और नियमों के अनुरूप ही कार्य करता है। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूरे प्रकरण में जांच उपलब्ध दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार संपन्न की गई थी, जिसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता का पूरा ध्यान रखा गया है। प्रशासनिक स्तर पर जारी इस स्पष्टीकरण के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि राजस्व मामलों में प्रशासन की प्राथमिकता सदैव कानून का पालन, निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना है। एसडीएम शिवानी जायसवाल ने पुनः दोहराया कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते समय किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत या पारिवारिक संबंधों का कोई स्थान नहीं होता, और सभी निर्णय पूरी तरह नियमों एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही लिए जाते हैं।