
सूरजपुर, दिनांक 11 दिसम्बर 2025 को सूरजपुर जिले के कलेक्टर श्री एस जयवर्धन की अध्यक्षता एवं जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले की उपस्थिति में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त मासिक समीक्षा बैठक जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी, जिला आयुर्वेद अधिकारी, DPM, सभी BMO, BPM तथा अन्य चिकित्सक तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर, सभी CDPO, सुपरवाइज़र एवं सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहीं। इस दौरान कलेक्टर ने विशेष रूप से जिले में प्रसव संबंधी मामलों की समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रसव के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से कार्य करें। गर्भवती महिलाओं के बेहतर से बेहतर ईलाज के लिए हरसंभव कार्य करे। सभी CDPO, सुपरवाइज़र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिनों को शत-प्रतिशत एएनसी (Antenatal Care) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि गर्भवती महिलाओं को संपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा का लाभ प्रदान किया जा सके। साथ ही इस सम्बन्ध में लापरवाही करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता और उनके उपस्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त से सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, ब्लड प्रेशर और हीमोग्लोबिन टेस्ट को प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए, ताकि महिलाएं HRP की श्रेणी में आने से बच सकें।
साथ ही कलेक्टर ने जिले में प्रसव संबंधी मामलों के लिए स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय के साथ सूचनाओं को साझा करने के निर्देश दिए ताकि बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान किया जा सके।

इसके अलावा यदि चिकित्सालयों में कोई चिकित्सक या कर्मचारी ड्यूटी में अनुपस्थित पाए जाते हैं तो चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में लापरवाही करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिले में सभी स्वास्थ्य केंद्र हर समय स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता हो। आंगनबाड़ी केंद्रों का समय पर संचालन, बच्चों की उपस्थिति, पोषण कार्यक्रम का नियमित आयोजन तथा बच्चों और महिलाओं को सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बच्चों के टीकाकरण को समय पर सुनिश्चित करने तथा वजन उत्सव के माध्यम से बच्चों की पोषण स्थिति को गंभीरता से सुधारने पर जोर दिया गया।
चिरायु योजना के अंतर्गत हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के उपचार, सर्जरी और सत्य साई अस्पताल में चल रहे इलाज की समीक्षा की गई। साथ ही सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित बच्चों की स्थिति एवं उपचार पर जानकारी ली गई तथा जिले में लगातार सिकल सेल स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, वय वंदन कार्ड निर्माण, बाल विवाह रोकथाम कार्यक्रम, बाल विवाह मुक्त सूरजपुर अभियान एवं बाल कल्याण समिति के कार्यों की भी परियोजनावार समीक्षा की गई। वन स्टॉप सेंटर के संचालन तथा टोल-फ्री नंबर पर प्राप्त शिकायतों की कार्यवाही की स्थिति की भी चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य के केंद्रों में ओपीडी एवं आईपीडी की स्थिति, आधार आधारित उपस्थिति, एनीमिया जांच एवं उपचार की प्रगति की जानकारी ली । इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त पदों की जानकारी पर भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जिले में बच्चों और महिलाओं के बेहतर पोषण हेतु एक वृहद अभियान चलाया जाएगा, जिससे कुपोषण एवं एनीमिया की स्थिति में सुधार लाया जा सके। साथ ही कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि टीबी उन्मूलन, शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित मरीज की स्क्रीनिंग , सैंपल कलेक्शन व दवाओं का सही वितरण और मरीजों का फॉलोअप नियमित करने के निर्देश दिए।